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Tuesday, January 20, 2015

क्रिकेट का महामानव

अद्भुत! 31 गेंदों पर सैकड़ा जड़ने की खुशी। क्या कभी टूट पाएगा यह रिकार्ड ?

  क्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय हाकी और फुटबाल टीमों के लिये संभावित खिलाड़ियों में एक बार उसका नाम शामिल था। वह दक्षिण अफ्रीका जूनियर रग्बी टीम का कप्तान रह चुका है। दक्षिण अफ्रीका के जूनियर वर्ग में 100 मीटर की दौड़ सबसे कम समय में पूरी करने का रिकार्ड एक समय उसके नाम पर था। दक्षिण अफ्रीका के स्कूल स्तर पर तैराकी के छह रिकार्ड अब भी उसके नाम पर दर्ज हैं। वह दक्षिण अफ्रीका की जूनियर डेविस कप टीम का सदस्य रह चुका है। बैडमिंटन में वह अंडर . 19 वर्ग में राष्ट्रीय चैंपियन रह चुका है। बहुत अच्छा गोल्फर है। यदि पढ़ाई की बात करें तो विज्ञान के एक प्रोजेक्ट पर उसे महान नेल्शन मंडेला से राष्ट्रीय पदक मिला था। यदि संगीत की बात करें तो उसकी कुछ एलबमें रिलीज हो चुकी हैं।
    लेकिन इस व्यक्ति की असली पहचान यह है कि वह दुनिया का नंबर एक बल्लेबाज है और दक्षिण अफ्रीका की एकदिवसीय टीम का कप्तान है। वह बेहतरीन बल्लेबाज है, विकेटकीपर है, बेजोड़ कप्तान है, क्षेत्ररक्षक के रूप में उसकी चपलता का जवाब नहीं और जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी भी कर सकता है। अब आप समझ गये होंगे कि मैं ए​बी डिविलियर्स की बात कर रहा हूं। असल में महामानव आम इंसान जैसे ही होते हैं लेकिन उनके काम महामानव जैसे होते है। डिविलियर्स भी ऐसे ही महामानव हैं क्योंकि उन्होंने जिस क्षेत्र में कदम रखा उसमें अपनी छाप छोड़ी। जो​हानिसबर्ग में 18 जनवरी 2015 को उन्होंने वह कर दिखाया​ जिसके बारे में बहुत कम बल्लेबाज सोच सकते हैं। डिविलियर्स ने 31 गेंदों पर सैकड़ा ठोक दिया था। यह हैरान कर देने वाली पारी थी।
एबीडी यानि हर खेल से प्यार
         डिविलियर्स तब तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिये नहीं आना चाहते थे। वह डेविड मिलर को ताबड़तोड़ रन बनाने के लिये भेजना चाहते थे लेकिन टीम के कोच ने वीटो लगा दिया। खुद डिविलियर्स ने अपने कोच से पांच बार पूछा था कि क्या सच में उन्हें ही क्रीज पर उतरना है या फिर मिलर को उतारा जाए। कोच के फैसले के आगे डिविलियर्स की नहीं चली और इसके बाद जो कुछ हुआ इतिहास बन गया। डिविलियर्स ने 31 गेंदों पर शतक जड़कर कोरे एंडरसन का एक साल 18 दिन पुराना 36 गेंदों का रिकार्ड तोड़ा और फिर 44 गेंदों पर 149 रन बना दिये। युवा क्रिकेट लेखक नवनीत मुंध्रा के शब्दों में, ''एबी डिविलियर्स शायद एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जो 44 गेंदों पर 149 रन ठोक सकते हैं और जरूरत पड़ने पर दीवार की तरह खड़े होकर 149 गेंदों पर 44 रन बना सकते हैं। '' नवनीत के इस एक वाक्य से एक बल्लेबाज के रूप में डिविलियर्स का आकलन किया जा सकता है। वह संपूर्ण बल्लेबाज हैं जो किसी भी नंबर, किसी भी तरह की परिस्थिति और किसी भी तरह के आक्रमण के खिलाफ खेलने में सक्षम हैं। तभी तो बाब विलिस ने कहा कि वह विव रिचर्ड्स को डान ब्रैडमैन से भी सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज मानते थे लेकिन डिविलियर्स को देखकर उनकी धारणा बदल रही है।
           प्रिटोरिया में 17 फरवरी 1984 को जन्में अब्राहम बेंजामिन डिविलियर्स को बचपन में ही खेलों में डाल दिया गया और इसके बाद उन्होंने जिस खेल में हाथ आजमाया उसमें उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। असल में डि​विलियर्स को शुरू से ही कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा। उनके दोनों बड़े भाईयों जेन और वेसेल्स ने उन्हें मजबूत खिलाड़ी बनाने में अहम भूमिका निभायी। स्वयं डिविलियर्स के शब्दों में, ''मेरे भाई कतई रहम नहीं खाते थे। मुझे तब वे दानव लगते थे। अक्सर मेरे आंसू निकल आते थे।'' डिविलियर्स के घर में खेलों का माहौल था। उनके माता पिता दोनों खिलाड़ी थे और दोनों भाई भी खेलते थे। एबी को भी अपना खेल चुनने की आजादी दी गयी। वह असमंजस में थे। उनका पहला प्यार था टेनिस। वह​ अपनी किशोरावस्था शुरू होने तक टेनिस खेलते रहे। तब लगने लगा था कि यह लड़का आगे जाकर टेनिस में देश का प्रतिनिधित्व करेगा। लेकिन समय के साथ एबी क्रिकेट और रग्बी की तरफ आकर्षित होने लगे। इस बीच उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खेलों के एक प्रमुख संस्थान में दाखिला मिल गया जहां क्रिकेट उनका प्यार बन गया। इस बीच हालांकि वह फुटबाल, हाकी, रग्बी और बैडमिंटन आदि भी खेलते रहे और अपनी स्कूल में इन सभी खेलों की टीमों का हिस्सा रहे।
     
एम्पी डु प्रीज के साथ म्यूजिक एलबम
 निकाल चुके हैं एबीडी
डिविलियर्स ने दिसंबर 2004 में दक्षिण अफ्रीका की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया और तब से हर टेस्ट मैच में खेलते रहे हैं। पदार्पण से लेकर लगातार 98 मैच खेलकर वह विश्व रिकार्ड पहले ही बना चुके हैं। वर्तमान समय में जबकि खिलाड़ियों के लिये फिटनेस सबसे बड़ी चिंता रहती है तब लगातार दस साल बिना मैच गंवाये खेलने से पता चलता कि खिलाड़ी कितना फिट है। वह भी ऐसा खिलाड़ी जिसने विकेटकीपिंग भी की। और डिेविलियर्स का रिकार्ड देखिये। 98 टेस्ट मैचों में 52.09 की औसत से 7606 रन। इसमें 21 शतक शामिल हैं। वनडे में भी उनके नाम पर 7000 से अधिक रन दर्ज हैं और उनका औसत 52 से ऊपर है।
    यह तो रही क्रिकेट की बातें। यदि क्रिकेट से इतर की बात करें तो डिविलियर्स बहुत अच्छे गायक हैं। उन्होंने अपने दोस्त एम्पी डु प्रीज के साथ मिलकर एलबम भी निकाली हैं। वह खुद गीत भी लिखते हैं और बहुत अच्छी गिटार बजाते हैं। आईपीएल में रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की तरफ से खेलने वाले डिविलियर्स ने इस दौरान ​हिन्दी गीत गाने की भी कोशिश की थी लेकिन बकौल डिविलियर्स, ''उच्चारण को लेकर उन्हें थोड़ी परेशानी हो रही है। '' हिन्दी फिल्मों का उनका पसंदीदा गाना शोले का ''ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे'' है।
                                                                       
                                                                                                                 धर्मेन्द्र मोहन पंत